Friday, October 26, 2012

Kuch chaahatein

काश फ़िक्र भी धुंए सी होती
की एक फूंक में धुंआ होती
न रहते अफ़सोस में डूबे तुम
और नाही ऐसी कशमकश होती

यु चाहतों का सिलसिला न होता शुरू
न ख्वाहिशों की ख्वाहिशें जगती
सोये रहते हम देर तक सपनों में खोये
न आँख खुलती और न सच्चाई से होते रूबरू

काश ज़िन्दगी में पीछे मुद पाते हम
तो खुशियाँ ही होती और न रहते ग़म
रंजिशें न होती, फासले न होते
बस होते तुम हमारे और तुम्हारे हम

रास्तों ने रातों को चलना छोड़ दिया
जबसे तेरी यादों में हमने सोना छोड़ दिया
अब जागती है आँखें तेरे इंतज़ार में
और इन पलकों ने झपकना छोड़ दिया

काश मिलते कुछ फ़रिश्ते भी राह-ए-ज़िन्दगी में हमसे
कुछ बातें साफ़ करनी थी
की मोहब्बत दी तो दी पर जुदाइयां क्यों दी
की मेरा वजूद वो है और उन्का  वजूद हमसे

Wednesday, October 17, 2012

मिश्रित एहसास : Mixed Feelings

मिश्रित एहसास 

रिस रही है चेहरे से शर्म इस कदर 
के ऊपर देखता हु तो खुद को नीचा  पाता हु 

छु रही है दिल को किसीकी मेहर इस कदर 
के बटुवे के नोटों को भी बोझ पाता  हु 

आ रहीं हैं खुशियों की आवाजें इस कदर 
के गूंजे भी कोई ग़म तो मुस्कुरा जाता हु 

दिला रहीं हैं उनकी बातें सुकून इस कदर 
के तकिये को फेंक उसकी बाहों में चला आता हु 

रुला रहीं हैं पुराणी बातों की सिलवटें इस कदर 
के सपनों की चादर से कुछ ख्वाब बुला लेता हु 

मिल रहीं है अब तमन्नाओं को उड़ान इस कदर 
के अक्सर पैरों को परों के नाम से पुकार लेता हु 

Mixed Feelings: Mishrit Ehsaas

Ris rahi hai chehre se sharm is kadar 
ke oopar dekhta hu to khud ko neecha paata hu

Chu rahi hai dil ko kisiki mehr is kadar
ke batuwe ke noton ko bhi bojh paata hu

Aa rahi hai khushiyon ki awaazein is kadar
ke goonje bhi koi gham to bhi muskura jaata hu

Dila rahi hai unki batein sukoon is kadar
ke takiye ko fenk uski baahon me chala aata hu

Rula rahi hai puraani baaton ki silvatein is kadar
ke sapnon ki chaadar se kuch khwaab bula laata hu

Mil rahi hai ab tamannaon ko udaan is kadar
ke aksar pairon ko paron ke naam se bula leta hu